गुरुजी की क्लास

भ्रष्टाचार रोकने को आयोग बिठाया गया, आयोग ने योग दान  दिया भ्रष्टाचार में।   आयोग…

उधार का कभी व्यवहार नहीं रखना

गुरुजी बोले कि बेटा टूटा हुआ दरपन बंद  घड़ी घर की दीवार नहीं रखना ।…

प्रेमिका ने किया ब्लॉक

प्रथम प्रपोज में ही हुए होज पोज हम प्यार का इरादा पूरा खाक कर दिया…

प्रेम की अर्थव्यवस्था (छंद)

प्रेमी बोला डार्लिंग डॉलर सी फूल रही मेरा हाल भारतीय रुपैये सम्मान है।   बिछाने…

कुंवारे प्रेमी की पीड़ा

तुम्हारे तो भाव काजू  बादाम से बढ़ गए छुंआरे थे तो हम छुंआरे रह गये…

कोरोना वायरस (छंद)

एक वायरस ने ही जीवन नीरस  किया सारा रस जीवन का नाली में फिका दिया।…

अपराध रोकने की कोशिशें (छंद)

अपराध रोकने की कोशिशें हज़ार हुई रोके नहीं रुके  और ज्यादा बढ़ गए  हैं।  …

विकलांग वर्ष

सन बियांसी की बात करीब आधी रात। कम्पीटिशन की तैयारी कर रहा था। जनरल नॉलेज…

श्रीमती जी और मैं (हास्य कविता)

शारीरिक , मानसिक , आर्थिक परेशानियों से हैरान परेशान। हम दोनों पति पत्नी एक पंडित…

क्या कहूँ इस दौर का इंसान कैसा हो गया है

क्या कहूँ  इस दौर  का  इंसान कैसा हो गया है। अब हवाओं का भी रुख…

हमारे बारे में

हिंदी साहित्य की वाचक परंपरा कवि-सम्मलेन, जिसका उद्देश्य समाज का दर्पण होकर उसे उसके गुणों एवं अवगुणों से परिचित करवाते हुए एक उचित दिशा प्रदान करना है। कवि-सम्मलेन की ये परंपरा लम्बे समय से सामजिक चेतना का ये कार्य करती आ रही है। इसी परंपरा को सहेजने और संवारने का कार्य करने के उद्देश्य से हमने यह माध्यम तैयार किया है।

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