डॉ. कमलेश शर्मा
डॉ. कमलेश शर्मा
3 Articles0 Comments

पिता का नाम स्व.श्री चौधरी बृजकिशोर शर्मा माता का नाम स्व.श्रीमती विद्या देवी जन्म तिथि 29 जून 1968 जन्म स्थान ग्राम - चाचर , पोस्ट - चाचर थाना - फूफ , तहसील- अटेर जिला - भिण्ड  (मध्यप्रदेश) शिक्षा एम.ए. (इतिहास ,अंग्रेजी ,हिंदी) बी.एड. पीएच.डी (हिंदी) संप्रति : प्रवक्ता इतिहास एस एन इण्टर कॉलेज इटावा 28 वर्षों से हिंदी काव्य मंचों पर सक्रिय लालकिला कवि सम्मेलन में अनेक बार काव्य पाठ पुस्तकें प्रकाशित : पीर किससे कहें (गीत संग्रह) प्रकाशित 2007 अगर गांधी तुम होते (गीत संग्रह ) प्रकाशित 2014 मुक्तक कमलेश के (मुक्तक संग्रह) प्रकाशित 2019 हिंदी की सेवा के लिए सम्मान व अलंकरण: उ.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन सम्मान -1998 साहित्य वाचस्पति अलंकरण - 1999 साहित्य भारती उन्नाव अवधेश दुबे सम्मान -1999 सरस्वती साधना परिषद, मैनपुरी हाजरा युवा कवि सम्मान- 2001 कला संगम ,कोलकाता ( प.बंगाल) शिशु वल्लभ अलंकरण -2002 इटावा हिंदी सेवा निधि शिवमंगल सिंह सुमन सम्मान -2002 महाकवि गंगहरि संस्थान इटावा त्रिवेणी साहित्य पुरुस्कार -2004 आस्था संस्थान ,बांकुड़ा (प.बंगाल) विशवनाथ भटेले राजेन्द्र सिंह सेंगर सम्मान -2006 ,हिंदी विकास परिषद विधूना केसरवानी स्मृति युवा कवि सम्मान - 2006 युवा उद्योग व्यापार मण्डल ,इटावा साहित्य सेवा सम्मान -2006 शहीद सेवा समिति ,झांसी खेड़ापति सम्मान -2007 मालवा साहित्य धार (म.प्र) पं. दीनदयाल उपाध्याय सम्मान -2007 दीनदयाल शोध संस्थान लखनऊ कवि कुलभूषण सम्मान -2007 सार्वभौम सनातन धर्म महासभा नई दिल्ली इटावा रत्न -2008 जायणट्स इंटरनेशनल ग्रुप कवि कौशलेंद्र सम्मान -2008 श्री नारायण विद्या आश्रम ,किसनी मैनपुरी रामगोपाल बंसल साहित्य पुरुस्कार -2008 मध्यप्रदेश साहित्य सभा जनकवि उर्मिलेश शंखधार पुरुस्कार -2009 अ. भा.मंचीय कवि पीठ उत्तर प्रदेश आचार्य रूपेश सम्मान -2010 औरैया हिंदी प्रोत्साहन निधि औरैया वेदप्रकाश गुप्ता सम्मान -2012 अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद मैनपुरी कीर्तिमान सम्मान - 2012 कीर्तिमान साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था मैहर म.प्र. काव्य श्री सम्मान 2017 - अमर उजाला आगरा अन्य विशेष सम्मान : नगर पंचायत करहल मैनपुरी द्वारा सम्मान स्वरूप एक सड़क का नामकरण "कवि कमलेश शर्मा मार्ग" 2004 में किया गया तत्कालीन लोकसभाध्यक्ष ,महामहिम राज्यपाल कर्नाटक व हिमाचल प्रदेश द्वारा सम्मान

पीर किससे कहें ?

मातृ-भू के वसन आज हुए तार तार पीर किससे कहें? चीर खींचें दुशासन लगे हैं हज़ार पीर किससे कहें? हैं बदल-सी गईं आजकल रीतियाँ । भ्रष्ट वातावरण से विकल वीथियाँ ।। रो रही आज चौपाल होकर ज़ार -ज़ार। पीर किससे…

प्रणम्य यह भाषा है

भारत की संस्कृति की शाश्वत परिभाषा है राष्ट्र की अस्मिता है प्रणम्य यह भाषा है है शब्द -शब्द में जिसके दिखती गंगा जैसी पावनता जिसके परिपुष्ट कलेवर में सर्वदा गगन – सी व्यापकता सृष्टि के जन्म पर हुआ, नाद का…

शारदे !

शारदे! सृजन के नवीन शुभ विचार दे कर रहाँ हूँ अर्चना कि आ सदेह भारती शब्द -शब्द गीत का बना है आज आरती हंसवाहिनी! माँ ! एक बार बस निहार दे शारदे… क़लम को नवीन धार और अपनी भक्ति दे…

हमारे बारे में

हिंदी साहित्य की वाचक परंपरा कवि-सम्मलेन, जिसका उद्देश्य समाज का दर्पण होकर उसे उसके गुणों एवं अवगुणों से परिचित करवाते हुए एक उचित दिशा प्रदान करना है। कवि-सम्मलेन की ये परंपरा लम्बे समय से सामजिक चेतना का ये कार्य करती आ रही है। इसी परंपरा को सहेजने और संवारने का कार्य करने के उद्देश्य से हमने यह माध्यम तैयार किया है।

संपर्क करें

पता: Plot no.828, Sector 2B, Vasundhara
Ghaziabad ,Uttar Pradesh,
India - 201012

फ़ोन: 7027510760

ई-मेल: [email protected]

Skip to toolbar