चेतन चर्चित
चेतन चर्चित
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चेतन चर्चित भारत के सबसे युवा कवि हैं, वे देश के सबसे लोकप्रिय हसिया कवि में से एक हैं। उनकी व्यंग्य और टिप्पणियाँ सुर्खियाँ बटोरती हैं। उनके थप्पड़ स्टिक प्रदर्शन दर्शकों को हँसी से भरपूर बनाते हैं। उनकी कविताएं समाज को हंसी के झुंड के साथ संदेश देती हैं। चेतन चार्चित ने अपने अद्भुत काव्यात्मक छंदों से कई लोगों के दिलों तक पहुँच प्राप्त की है। वह समाज को आईना दिखाने के लिए अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। वह केवल एक शानदार कलाकार नहीं है, बल्कि एक जादूगर के रूप में माना जा सकता है जो लोगों पर मंत्र दे सकता है और हँसी चिकित्सा को दूर कर सकता है। कवि को बौनापन का सामना करना पड़ा है, लेकिन खुद को हीन भावना से ग्रसित करने के बजाय, उसने इसे अपने द्वारा खड़े होने की ताकत के रूप में घोषित किया। और वास्तव में इस आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ सफलता की ओर उनकी निरंतर यात्रा के दौरान कुछ भी नहीं आया। अपने छंदों के साथ वह लोगों के दिलों को प्रभावित और आगे बढ़ाता है। वह उन कवियों में से एक हैं, जो रूढ़िवादी मानदंडों से परे हैं। उन्होंने सभी बाधाओं को पार कर लिया है और इस काव्य यात्रा में इतिहास को चिह्नित करने के रास्ते पर हैं, जिसमें उनकी कलम से प्राप्त अद्भुत खजाने हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और देश में चल रहे विभिन्न मुद्दों पर टिप्पणी करते रहते हैं। उनका मंच संचलन बहुत जीवंत और ऊर्जा से भरपूर है। उनके प्रदर्शन की अनूठी शैली दर्शकों को सुनने के साथ-साथ उनके पूरे प्रदर्शन का आनंद लेती है। आमतौर पर लोग उन्हें "छोटा पैकेट बड़ा ढाका" के रूप में देखते हैं देशभर में 300 से ज्यादा कवि-सम्मेलन हुए। विभिन्न मीडिया यानि दूरदर्शन, स्टार प्लस, SAB TV, Zee News, News indian 18, Big Magic, Tv9 Bharatvarsh, BBC hindi, के साथ प्रसारित। टेलिविज़न शो की लोकप्रियता को द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज, हसने का मुख्या कोन, वाह कवि जी वचाई पे चुटकुले, और कवि युद्ध और कई अन्य हास्य कवि चेतन चारचित द्वारा लिखित व्यंग्य और लेख लगातार पत्रिका में प्रकाशित होते रहते हैं।

लौट कर आ जाओ इक बार

चोखट सुनी आंगन सुना, सुना है घर द्वार.. लौट कर आ जाओ इक बार.. लौट कर आ जाओ इक बार.. तुलसी – चोरे पर अंधियारा तन भी हारा मन भी हारा बिना तुम्हारे भटक रहा है ये जीवन जैसे बंजारा…

ये आंख वाले सूर होते जा रहे

अल्पता बन्धुत्व की है सिंधु सा विचलित है मन प्रेम मानव में नही है , है लगी कैसी अगन एकता के बीज न हो वो धरा होती विचित्र दानवो से नीच क्यो है आज का मानव चरित्र खण्डता आधिक्य में…

छोटा चेतन

कोई लड़की मुझसे नजर उठा कर बात नहीं कर पाती है मैं छोटा पड़ जाता हूं वह लंबी निकल जाती है हाय ये मेरी किस्मत मुझे कितना सताती है कोई अपनी हाइट की मिले तो उम्र बड़ी बताती है इस…

झूठ का महत्व

हमारे सारे सद्ग्रन्थ अनंत, साधु महात्मा और संत । बताते है सच को महान, के सच से ही चलता है ये जहान। पर मेरी समझ से इस कथन में बहुत बड़ी गलती है, क्योकि दुनिया सच से नही झूठ से…

आधार कार्ड ही शादी के लिए लिंक नहीं है

प्रेमिका बोली शादी के लिए लड़का जरूरी है ऐसा जिसके पास हो घर नोकरी और कार तुम से न कर पाऊँगी तुम लड़के हो बेकार मैने कहा यह सब भी होगा मेरे पास और होगी बहार गलती मेरी नही है…

माली छोड़ चला उपवन को

धरती तरस रही है घन को माली छोड़ चला उपवन को अब सब कुछ है खोने वाला जाने क्या है होने वाला यह सब कैसे ढो पायेगा सिर पर बोझा ढोने वाला अब वो ढोये खुद के तन को माली…

मेरा एक दोस्त राजू हकला

मेरा एक दोस्त राजू हकला सर पर बाल नही यानी टकला शक्ल ऐसी की देखते ही डर जाओ कन्या चाहिए खूबसूरत हो तो बताओ मैने कहा यार राजू आधी उम्र होने आई अभी तक कोई प्रमिका नही बनाई बोला बनाई…

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हिंदी साहित्य की वाचक परंपरा कवि-सम्मलेन, जिसका उद्देश्य समाज का दर्पण होकर उसे उसके गुणों एवं अवगुणों से परिचित करवाते हुए एक उचित दिशा प्रदान करना है। कवि-सम्मलेन की ये परंपरा लम्बे समय से सामजिक चेतना का ये कार्य करती आ रही है। इसी परंपरा को सहेजने और संवारने का कार्य करने के उद्देश्य से हमने यह माध्यम तैयार किया है।

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