अशोक चारण
अशोक चारण
0 Articles0 Comments

पिता मूलसिंह माता रामकंवर पत्नि ..सपना बारहठ मनोज्ञा और वंदिता दो बेटियाँ 31 जनवरी 1984 को जन्म हुआ कवि सम्मलेन परम्परा के वीर रस के नई पीढ़ी के ऐसे कवि जो साम्प्रदायिकता का समर्थन नही करते हुए राष्ट्रवाद की स्थापना के प्रमुख कवि है मूलतः राजस्थान के अजमेर जिले के खेड़ी महादेव गाँव के निवासी है और वर्तमान में जयपुर रहते हैं । इनके द्वारा लिखी तिरंगा, किसान,पुलवामा धरती हिंदुस्तान की, आदि कई कविताएं हैं जो देश प्रसिद्ध है । कई हिंदी संस्थाऐं इनको सम्मानित कर चुकी है कृष्ण मित्र सम्मान 2013 बालकवि बैरागी सम्मान 2018 तुलसी माखन सम्मान 2019 कृति ...प्रासाद का अवसाद (पन्नाधाय के बलिदान पर एक खण्डकाव्य) अगली कृति गीतों की होगी जो लगभग पूर्ण है और शीघ्र ही पाठकों के हाथ में होगी जो लगभग पूर्ण है और शीघ्र ही पाठकों के हाथ में होगी गीत मुक्तक ग़ज़ल और गद्य लेखन में भी अशोक चारण की अभिव्यक्ति अद्भुत है सोशियल मीडिया पर लगातार इस शैली को बहुत पसंद किया जा रहा है । सभी टीवी चैनलों (आस्था संस्कार न्यूज नेशन NDTV इंडिया टीवी ज़ी न्यूज़ ETVआदि ) पर काव्य पाठ के लिए निरंतर बुलाये जाते हैं । देश के लगभग सभी हिन्दीभाषी प्रदेशों में वीर रस के लोकप्रिय कवि के रूप में इनको स्वीकार किया गया है साहित्य कि सभी विधाओं में इनका लेखन सतत् है हिंदी साहित्य से प्रथम श्रेणी से ऍम ए कर चुके अशोक का हिन्दी भाषा के प्रति समर्पण सराहनीय है ICCR द्वारा UK के सभी प्रमुख शहरों में काव्य पाठ किया जिनमे BELFAST ,DUBLIN, LIVERPOOL, EDINBURGH, GLASGOW, MANCHESTER, NOTTINGHAM, BIRMINGHAM, CARDIFF, BRISTOL SLOUGH, LONDON शामिल है।

No articles found matching your query