अजातशत्रु
अजातशत्रु
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पिता: गोवर्धन सिंह राव माता :राजकुमारी राव जन्मस्थान : झीलों की नगरी उदयपुर (राजस्थान) उपलब्धियां: पुस्तकें: 1.आधी कटोरी चाँदनी 2.चुनावी गोरखधंधा 3.जिस नदी का समंदर नही 4.आखर पुल 5.गुरू महिमा विदेश यात्राएं 1.दुबई 2.मॉरीशस 3.अबु धाबी 4.नेपाल 5.श्रीलंका 6.इंडोनेशिया 7.इथोपिया,एडिस अबाबा (अफ्रीका) 8.केन्या,नैरोबी (अफ्रीका) सम्मान 1.युवा कवि सम्मान भारत सरकार द्वारा 2004 2.काव्यरत्न सम्मान इंदौर 3.सफल सञ्चालक सम्मान भारत विकास परिषद उदयपुर 4.काव्य शिरोमणि सम्मान फिरोजपुर केंट पंजाब 5.हास्य शिरोमणि सम्मान चैन्नई 6.लगभग 1500 सम्मान की एक लंबी श्रृंखला है जो पिछले 25 वर्षों के काव्य सेवा के दौरान मंचो से प्राप्त हुए। विशेष 1. राष्ट्रपति भवन में कवितापाठ 2. ‎भारत सरकार द्वारा अंडमान निकोबार जाना तथा सेल्युलर जेल में पर्यटकों के मध्य काव्यपाठ 3. ‎देश के सभी चैनल्स पर नियमित काव्य प्रसारण 4. ‎हिंदी फिल्म तीर्थ तथा नई दिशा में गीत लेखन 5. ‎हिंदी कवि सम्मेलनों के सेलिब्रिटी कवियों में शुमार जिन्हें सुनने हजारों की भीड़ जमा हो जाती है। 6. देश के सबसे बड़े चैनल जी न्यूज पर अनगिनत बार कवियुद्ध का सन्चालन। 7. इंडिया टीवी आजतक एबीपी न्यूज सहित देश के सभी लोकप्रिय चैनल्स पर ससम्मान आमंत्रित। 8. वर्तमान में भारत सरकार की हिंदी राजभाषा समिति के सदस्य

मैं उस पर कविता लिखता हूँ उसको पता नहीं

भोली सी नादान वो लड़कीं उसकी ख़ता नही मैं उस पर कविता लिखता हूँ उसको पता नही   इंस्ट्राग्राम पे उसका मुझको एक मैसेज था आया एफ बी का एक लाइव वीडियो उसको कितना भाया बोली इतनी सुंदर कविता कैसे…

एक दीपक मैं जलाऊँ, एक दीपक तुम जलाओ

एक दीपक मैं जलाऊँ, एक दीपक तुम जलाओ !!   तुम तमस में रोशनी हो भोर की उजली किरण हो इस अधूरी जिंदगी का इक समूचा व्याकरण हो पृष्ठ पर मन की ऋचाओं का सरलतम उद्धरण हो भाव के अनुकूल…

कविता ज़िंदाबाद

कविता जिन्दाबाद हमारी कविता जिन्दाबाद !!   ये बोली  तो युग बोला  ये गायी तो  सबने गाया इसने ही आजादी का परचम सीमा पर लहराया वंदे मातरम बन कर गूंजी और तिरंगा थाम लिया बिस्मिल शेखर भगत सिंह मंगलपांडे का…

मरते दम तक भी गाएंगे गाथा हिंदुस्तान की

मरते दम तक भी गाएंगे गाथा हिंदुस्तान की !!   उन्नत जहां ललाट किरीट का सागर चरण पखारे है ऊंचे – ऊंचे मंदिर –  मस्जिद, गिरजाघर गुरु द्वारे हैं सब धर्मों का  मान और   सम्मान जहां  थाती  है जहां  बेटियां …

प्यासे प्यासे मेरे मछुआरे नयन

झुके कारे करारे शरारे नयन जैसे सागर में दो तैरती मछलियां प्यासे प्यासे मेरे मछुआरे नयन …!!   चूम लूं रंग से मैं तेरे गाल को छू के देखूं जरा रेशमी बाल को ये कलाई तेरी डाल कचनार की खिले…

जब तुम्हारी मांग में सिंदूर का टीका लगे

जब तुम्हारी मांग में सिंदूर का टीका लगे पांव में बिछिया ओ मेहंदी हाथ मे कंगन सजे जब समूचा घर दिवाली इत्र महकाने लगे पूर्णिमा तुझपे अमावस मुझपे इतराने लगे संग सखियां मिल विदाई गीत जब गाने लगे एक पहचानी…

दो नयनों में काटी रात

चाँद उगा अम्बर आँचल में दो नयनों में काटी रात सर्द सुबह तक नर्म अंधेरा हमने मिलकर बांटी रात जिस्म नशा था रूह प्यास थी घटती बढ़ती आधी रात अजातशत्रुपिता: गोवर्धन सिंह राव माता :राजकुमारी राव जन्मस्थान : झीलों की…

मुक्तक

1. लड़की दिल से तहस नहस निकली बात निकली तो फिर बहस निकली उसकी नफ़रत में प्यार शामिल था आपके प्यार   में  हवस  निकली 2. अपने संयम की परीक्षा कर रहा हूं प्रेम व्याकुल है समीक्षा कर रहा हूं बैठकर…

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